कथा
माघ माह की शुक्ल पक्ष पंचमी को बसंत पंचमी मनाई जाती है। यह बसंत ऋतु के आगमन का उत्सव है। इस दिन माँ सरस्वती का जन्म हुआ था जब ब्रह्मा जी ने ज्ञान और वाणी के लिए उन्हें प्रकट किया था। पीले रंग का विशेष महत्व है क्योंकि बसंत में सरसों के पीले फूल खिलते हैं।
महत्व
बसंत पंचमी विद्यार्थियों और शिक्षकों का पर्व है। इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती की विशेष पूजा होती है। विद्यार्थी अपनी किताबें और कलम माँ के चरणों में रखते हैं।
पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान करके पीले वस्त्र पहनें
माँ सरस्वती की मूर्ति के सामने पुस्तकें और वाद्य यंत्र रखें
पीले फूल और पीला भोजन (केसर की खीर) अर्पित करें
सरस्वती मंत्र का 108 बार जप करें
सरस्वती वंदना और आरती करें
पाठशालाओं में सरस्वती पूजा का आयोजन करें
दिन में ज्ञान और विद्या संबंधी कार्य करें
