हिंदू पर्व एवं त्योहार — Hindu Festivals

Maha Shivratri, Janmashtami, Navratri, Ganesh Chaturthi, Diwali — Puja Vidhi, Katha aur Mahatva sahit.

फाल्गुन (फरवरी-मार्च)

महाशिवरात्रि

Maha Shivaratri

महाशिवरात्रि वर्ष की सबसे बड़ी शिव पूजा है। इस रात जागरण और उपवास से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह तांत्रिक और योगिक साधना के लिए भी विशेष रात्रि है।

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भाद्रपद (अगस्त)

जन्माष्टमी

Janmashtami

जन्माष्टमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और द्वारका में यह पर्व विशेष उत्साह से मनाया जाता है।

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आश्विन (अक्टूबर) / चैत्र (मार्च-अप्रैल)

नवरात्रि

Navratri

नवरात्रि वर्ष में दो बार आती है: चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (अक्टूबर)। शारदीय नवरात्रि अधिक प्रसिद्ध है। इन नौ दिनों में माँ के नौ स्वरूपों की पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

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भाद्रपद (अगस्त-सितंबर)

गणेश चतुर्थी

Ganesh Chaturthi

गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाई जाती है। लोकमान्य तिलक ने 1893 में इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि स्वतंत्रता संग्राम में एकता लाई जा सके। महाराष्ट्र में यह सबसे बड़ा उत्सव है।

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चैत्र (मार्च-अप्रैल)

राम नवमी

Ram Navami

राम नवमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन उपवास, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य मिलता है। राम जी के आदर्शों को याद करने का यह दिन है।

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चैत्र पूर्णिमा (अप्रैल)

हनुमान जयंती

Hanuman Jayanti

हनुमान जयंती पर हनुमान भक्त विशेष पूजा, उपवास और हनुमान चालीसा पाठ करते हैं। इस दिन हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

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कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर)

दीपावली

Diwali

दीपावली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और प्रमुख पर्व है। यह पाँच दिनों का महापर्व है: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज।

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कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर)

धनतेरस

Dhanteras

धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन और नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा होती है। घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज को प्रसन्न किया जाता है।

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माघ (जनवरी-फरवरी)

बसंत पंचमी

Basant Panchami

बसंत पंचमी विद्यार्थियों और शिक्षकों का पर्व है। इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती की विशेष पूजा होती है। विद्यार्थी अपनी किताबें और कलम माँ के चरणों में रखते हैं।

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प्रत्येक माह (शुक्ल और कृष्ण पक्ष)

एकादशी

Ekadashi

एकादशी व्रत करने से समस्त पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह मोक्ष देने वाला व्रत माना जाता है। निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल) सबसे कठिन और फलदायी एकादशी है।

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श्रावण (जुलाई-अगस्त)

सावन (श्रावण)

Sawan Month

सावन माह के प्रत्येक सोमवार को शिव जी की विशेष पूजा होती है। कंवड़ यात्रा इसी माह में होती है जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में अभिषेक करने जाते हैं।

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फाल्गुन (मार्च)

होली

Holi

होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। होलिका दहन पाप और नकारात्मकता के नाश का प्रतीक है। अगले दिन रंगों से खेलना प्रेम, भाईचारे और खुशी का उत्सव है। यह पर्व सामाजिक बंधनों को तोड़कर समानता का संदेश देता है।

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कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर)

छठ पूजा

Chhath Puja

छठ पूजा बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पर्व है। यह एकमात्र वैदिक पर्व है जिसमें अस्त होते और उदय होते सूर्य दोनों को अर्घ्य दिया जाता है। यह पर्व पर्यावरण के प्रति सम्मान और सूर्य की उपासना का अद्भुत संगम है।

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पौष (जनवरी)

मकर संक्रांति

Makar Sankranti

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का सूर्य को समर्पित प्रमुख पर्व है। पंजाब में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल, आंध्र प्रदेश में संक्रांति के नाम से यही पर्व मनाया जाता है। गंगा सागर का मेला भी इसी दिन लगता है। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है।

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कार्तिक (अक्टूबर)

करवा चौथ

Karwa Chauth

करवा चौथ पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए सुहागन स्त्रियों का प्रमुख व्रत है। इस दिन निर्जल व्रत रखकर चंद्रमा के दर्शन के बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है। यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

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आषाढ़ (जुलाई)

गुरु पूर्णिमा

Guru Purnima

गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का पर्व है। शास्त्रों में कहा गया है: "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः।" गुरु को ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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श्रावण पूर्णिमा (अगस्त)

रक्षाबंधन

Raksha Bandhan

रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधकर उसकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती है। भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। यह पर्व रक्षा, प्रेम और विश्वास का त्रिकोण है।

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