मंत्र उच्चारण संग्रह

सभी हिंदू मंत्र — गायत्री, महामृत्युंजय, ॐ नमः शिवाय — सही उच्चारण, हिंदी अर्थ और जाप विधि के साथ।

शिव मंत्र

शिव108×

ॐ मंत्र

ॐ ॐ = अ + उ + म + (अनुनासिक बिंदु)…

संस्कृत और हिंदू आध्यात्मिकता का सबसे पवित्र और मूल मंत्र

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शिव108×

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय…

भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ मंत्र

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महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर…

मृत्यु, रोग और संकट से रक्षा के लिए महाशक्तिशाली मंत्र

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शिव पंचाक्षर मंत्र

नमः शिवाय नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शु…

शिव जी की पंचतत्व शक्ति को जागृत करने और मोक्ष प्राप्ति के लिए

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विष्णु मंत्र

कृष्ण मंत्र

राम मंत्र

हनुमान मंत्र

दुर्गा मंत्र

लक्ष्मी मंत्र

सरस्वती मंत्र

गणेश मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

सूर्य देव मंत्र

मंत्र जाप के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. मंत्र क्या होता है?

उ. मंत्र संस्कृत के पवित्र शब्द या ध्वनि-संयोजन हैं जिनके उच्चारण से आध्यात्मिक ऊर्जा जाग्रत होती है। "मन" (मन) + "त्र" (रक्षा) = मन की रक्षा करने वाला।

प्र. मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

उ. मंत्र आमतौर पर 108 बार जपा जाता है। 108 की संख्या वैदिक दृष्टि से पवित्र है। माला (108 मनके) से जप करने से गिनती सुनिश्चित होती है।

प्र. मंत्र जप का सर्वोत्तम समय कौन सा है?

उ. ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले, यानी भोर 4-6 बजे) मंत्र जप के लिए सर्वोत्तम है।

प्र. गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र में क्या अंतर है?

उ. गायत्री मंत्र सूर्य-शक्ति का मंत्र है जो ज्ञान और बुद्धि देता है। महामृत्युंजय मंत्र शिव का रोग-नाश और मृत्यु-विजय का मंत्र है।