कार्तिक (अक्टूबर)

करवा चौथ

Karwa Chauth

करवा चौथ 2026 तिथि और मुहूर्त

📅 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार

  • • व्रत: सूर्योदय (लगभग सुबह 6:31) से चंद्रोदय तक (दिल्ली)
  • • चंद्रोदय: रात लगभग 8:18 बजे (दिल्ली) — दूसरे शहरों में 15–40 मिनट आगे-पीछे

मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदलता है — सटीक समय के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।

कथा

करवा चौथ कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। इस व्रत से जुड़ी एक प्रमुख कथा रानी वीरावती की है जिन्होंने पहली बार सुहाग की रक्षा के लिए यह कठिन व्रत रखा था। सती के करवा की कथा में एक पतिव्रता स्त्री ने यमराज से अपने पति को बचाया था। इस व्रत की परंपरा महाभारत काल से है — द्रौपदी ने भी अर्जुन की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था।

महत्व

करवा चौथ पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए सुहागन स्त्रियों का प्रमुख व्रत है। इस दिन निर्जल व्रत रखकर चंद्रमा के दर्शन के बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है। यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

पूजा विधि

  1. सूर्योदय से पहले सरगी खाएं (सास द्वारा दी गई सामग्री)

  2. दिनभर निर्जल व्रत रखें

  3. शाम को सोलह श्रृंगार करें

  4. करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें

  5. थाली में दीपक, करवा (मिट्टी का पात्र), चलनी और आभूषण रखें

  6. चंद्रमा के उदय होने पर चलनी से पहले चाँद देखें, फिर पति का मुख देखें

  7. पति के हाथ से जल और मिठाई लेकर व्रत खोलें

संबंधित देवी-देवता

इस पर्व के मंत्र

इस पर्व से जुड़े मंदिर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. करवा चौथ 2026 कब है?

उ. करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है। व्रत: सूर्योदय (लगभग सुबह 6:31) से चंद्रोदय तक (दिल्ली)। चंद्रोदय: रात लगभग 8:18 बजे (दिल्ली) — दूसरे शहरों में 15–40 मिनट आगे-पीछे।

प्र. करवा चौथ का महत्व क्या है?

उ. करवा चौथ पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए सुहागन स्त्रियों का प्रमुख व्रत है। इस दिन निर्जल व्रत रखकर चंद्रमा के दर्शन के बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है। यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

प्र. करवा चौथ की पूजा विधि क्या है?

उ. सूर्योदय से पहले सरगी खाएं (सास द्वारा दी गई सामग्री) फिर, दिनभर निर्जल व्रत रखें फिर, शाम को सोलह श्रृंगार करें।

प्र. करवा चौथ पर कौन से मंत्र जपें?

उ. करवा चौथ पर ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो नारायणाय का जाप करना शुभ है।