विष्णु  ·  Vishnu

गायत्री मंत्र

Gayatri Mantra

सर्वोच्च बुद्धि, ज्ञान और आत्मप्रकाश की प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ वैदिक मंत्र

॥ मंत्र ॥

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

हिंदी अर्थ

Hindi Meaning

हम उस सर्वशक्तिमान सवितृ देव (सूर्य देव/परब्रह्म) के दिव्य तेज का ध्यान करते हैं जो तीनों लोकों (भूः, भुवः, स्वः) में व्याप्त हैं। वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें।

English Meaning

अंग्रेज़ी अर्थ

We meditate upon the radiant divine light of the universal consciousness (Savitr), the Creator, which pervades the three planes of existence (physical, astral, and causal). May it inspire and illuminate our intellect.

लाभ एवं फल

बुद्धि, ज्ञान और विवेक का प्रकाश

आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति

ब्रह्मतेज और ओज की वृद्धि

समस्त पापों और दोषों का नाश

मोक्ष और ब्रह्मज्ञान का मार्ग

जाप विधि

How to Chant

108

जाप संख्या

Count

त्रिकाल संध्या – प्रातःकाल सूर्योदय से पहले, मध्याह्न और सायंकाल

श्रेष्ठ समय

Best Time

१०८

माला

Mala Beads

संध्यावंदन के समय पूर्व दिशा में मुँह करके बैठें। सूर्य जल अर्घ्य देते हुए गायत्री मंत्र का जप करें। रुद्राक्ष या तुलसी माला पर 108 बार जप करें। ध्यान करते समय सूर्य की किरणों का बुद्धि में प्रवेश करते हुए मानस चित्र बनाएं।

नियम एवं सावधानियाँ

त्रिकाल संध्या में प्रतिदिन जप करें

जप से पहले आचमन करें

ब्रह्मचर्य का पालन करें

महिलाएं और सभी वर्ण इस मंत्र का जप कर सकते हैं

विष्णु के अन्य मंत्र