सूर्य देव  ·  Surya Dev

शनि मंत्र

Shani Mantra

शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति और शनिदेव की कृपा के लिए

॥ मंत्र ॥

ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः शनि वैदिक मंत्र: नीलांजन-समाभासं रवि-पुत्रं यमाग्रजम्। छाया-मार्तंड-संभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥ शनि दशरथ-स्तोत्र: कोणस्थः पिङ्गलो बभ्रुः कृष्णो रौद्रोऽन्तको यमः। सौरिः शनैश्चरो मन्दः पिप्पलाभिधानश्च॥

हिंदी अर्थ

Hindi Meaning

नीलांजन के समान कांति वाले, सूर्य के पुत्र, यम के बड़े भाई, छाया और मार्तंड (सूर्य) से उत्पन्न, उन शनैश्चर को मैं नमस्कार करता हूँ। शनिदेव न्याय के देवता हैं और कर्म के अनुसार फल देते हैं।

English Meaning

अंग्रेज़ी अर्थ

Salutations to Lord Shani — who has the luster of blue antimony, son of the Sun (Surya), elder brother of Yama, born of Chhaya and Martanda. Shani is the Lord of Justice who awards results based on one's karma (deeds).

लाभ एवं फल

साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि महादशा के कुप्रभाव से मुक्ति

कठिन परिस्थितियों में धैर्य और सहनशक्ति

न्याय और कर्म के अनुसार उचित फल की प्राप्ति

नौकरी, व्यवसाय और आजीविका में स्थिरता

शत्रुओं और विरोधियों से सुरक्षा

जाप विधि

How to Chant

108

जाप संख्या

Count

शनिवार को सूर्यास्त के बाद, शनि-प्रदोष पर विशेष

श्रेष्ठ समय

Best Time

१०८

माला

Mala Beads

शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल, लोहे का दीपक लेकर पीपल के वृक्ष के पास जाएं। काले वस्त्र धारण करें। "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का 108 बार जप करें। शनि मंदिर में तेल अर्पित करें।

नियम एवं सावधानियाँ

शनिवार को काले तिल और सरसों का तेल चढ़ाएं

पीपल के वृक्ष को जल और तेल अर्पित करें

गरीबों और जरूरतमंदों को काला वस्त्र, तेल और तिल दान करें

शनिवार को मांस-मदिरा का त्याग करें

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