कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर)

धनतेरस

Dhanteras

धनतेरस 2026 तिथि और मुहूर्त

📅 6 नवंबर 2026, शुक्रवार

  • • धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में करें
  • • इसके बाद 7 नवंबर को छोटी दीपावली और 8 नवंबर को दीपावली

मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदलता है — सटीक समय के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।

कथा

धनतेरस कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है, जो दीपावली से दो दिन पहले आता है। इस दिन समुद्र मंथन से धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता) अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इसे "धन्वंतरि जयंती" भी कहते हैं।

महत्व

धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन और नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा होती है। घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज को प्रसन्न किया जाता है।

पूजा विधि

  1. घर की साफ-सफाई करें

  2. सोना, चाँदी या बर्तन खरीदें

  3. संध्या समय माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा करें

  4. घर के मुख्य द्वार पर यम के लिए दीपक जलाएं

  5. लक्ष्मी मंत्र और श्री सूक्तम का पाठ करें

  6. आरती और प्रसाद वितरण करें

  7. परिवार के साथ पूजा करें और शुभकामनाएं दें

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. धनतेरस 2026 कब है?

उ. धनतेरस 2026 में 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में करें। इसके बाद 7 नवंबर को छोटी दीपावली और 8 नवंबर को दीपावली।

प्र. धनतेरस का महत्व क्या है?

उ. धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन और नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा होती है। घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज को प्रसन्न किया जाता है।

प्र. धनतेरस की पूजा विधि क्या है?

उ. घर की साफ-सफाई करें फिर, सोना, चाँदी या बर्तन खरीदें फिर, संध्या समय माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा करें।

प्र. धनतेरस पर कौन से मंत्र जपें?

उ. धनतेरस पर लक्ष्मी मंत्र, श्री सूक्तम का जाप करना शुभ है।