इतिहास
जगन्नाथ मंदिर 12वीं शताब्दी में राजा अनंतवर्मन चोडगंगा द्वारा बनवाया गया था। यह चार धामों में से एक है। यहाँ भगवान जगन्नाथ (कृष्ण/विष्णु स्वरूप), बलभद्र और सुभद्रा की काष्ठ प्रतिमाएँ विराजमान हैं।
महत्व
जगन्नाथ पुरी की वार्षिक रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें तीनों देवी-देवताओं को विशाल रथों पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया जाता है। मंदिर का महाप्रसाद लाखों भक्तों को प्रतिदिन वितरित होता है।
वास्तुकला
मंदिर कलिंग शैली में बना है और इसका शिखर 65 मीटर ऊँचा है। शिखर पर नीलचक्र (अष्टधातु चक्र) और लाल ध्वजा लगी है। मंदिर परिसर में 30 से अधिक छोटे मंदिर हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. जगन्नाथ पुरी मंदिर पुरी, ओडिशा में स्थित है।
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5 बजे से रात 10 बजे तक
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. रथ यात्रा (आषाढ़ माह) और अक्टूबर से फरवरी
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. जगन्नाथ पुरी की वार्षिक रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें तीनों देवी-देवताओं को विशाल रथों पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया जाता है। मंदिर का महाप्रसाद लाखों भक्तों को प्रतिदिन वितरित होता है।
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. जगन्नाथ पुरी मंदिर में विष्णु (Vishnu) की पूजा होती है।
प्र. जगन्नाथ पुरी मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. एकादशी के समय जगन्नाथ पुरी मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।

