कथा
चैत्र माह की शुक्ल पक्ष नवमी को अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहाँ भगवान राम का जन्म हुआ था। उस दिन कर्क लग्न में मध्याह्न के समय राम जी का जन्म हुआ। उनके जन्म के समय पाँचों ग्रह अपनी उच्च राशियों में थे। राम जी के जन्म से अयोध्या नगरी में खुशी की लहर दौड़ गई।
महत्व
राम नवमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन उपवास, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य मिलता है। राम जी के आदर्शों को याद करने का यह दिन है।
पूजा विधि
उपवास रखें
प्रातःकाल स्नान करके राम जी की पूजा करें
रामचरितमानस का पाठ करें
राम नाम का जप करें
राम जी को तुलसी, कमल और पंचामृत अर्पित करें
रात्रि में राम कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन करें
अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर उपवास खोलें
संबंधित देवी-देवता
इस पर्व के मंत्र
राम नाम
Ram Naamश्री राम जय राम जय जय राम राम राम राम राम राम राम राम राम नाम तारक मंत्र ॐ श्री रामाय नमः
मोक्ष, पाप नाश और राम जी की परम कृपा प्राप्ति के लिए
राम रक्षा स्तोत्र
Ram Raksha Stotraचरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्॥ ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थम्। पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्॥ राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥
भगवान राम के नाम से सर्वांगीण रक्षा और कवच प्राप्ति
इस पर्व से जुड़े मंदिर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. राम नवमी कब मनाया जाता है?
उ. राम नवमी चैत्र (मार्च-अप्रैल) माह में मनाया जाता है।
प्र. राम नवमी का महत्व क्या है?
उ. राम नवमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन उपवास, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य मिलता है। राम जी के आदर्शों को याद करने का यह दिन है।
प्र. राम नवमी की पूजा विधि क्या है?
उ. उपवास रखें फिर, प्रातःकाल स्नान करके राम जी की पूजा करें फिर, रामचरितमानस का पाठ करें।
प्र. राम नवमी पर कौन से मंत्र जपें?
उ. राम नवमी पर राम नाम, राम रक्षा स्तोत्र का जाप करना शुभ है।
