
रामेश्वरम मंदिर
रामेश्वरम, तमिलनाडु
इतिहास
रामेश्वरम मंदिर पंबन द्वीप पर स्थित है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम ने लंका विजय के बाद यहाँ शिवलिंग स्थापित किया था और ब्रह्महत्या (रावण वध) के पाप से मुक्ति के लिए शिव जी की पूजा की थी। हनुमान जी काशी से शिवलिंग लेकर आए और यही रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग बना।
महत्व
रामेश्वरम चारधाम यात्रा का एक धाम है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। यहाँ 22 तीर्थ कुंड हैं जिनमें स्नान करने का विशेष महत्व है।
वास्तुकला
मंदिर द्रविड़ शैली में निर्मित है। इसका गलियारा विश्व का सबसे लंबा मंदिर गलियारा (1200 मीटर) है। मंदिर में 1000 स्तंभों वाला विशाल मंडप है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. रामेश्वरम मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. रामेश्वरम मंदिर रामेश्वरम, तमिलनाडु में स्थित है।
प्र. रामेश्वरम मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5 बजे से दोपहर 1 बजे और शाम 3 बजे से रात 9 बजे तक
प्र. रामेश्वरम मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. अक्टूबर से मार्च। महाशिवरात्रि और राम नवमी पर विशेष।
प्र. रामेश्वरम मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. रामेश्वरम चारधाम यात्रा का एक धाम है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। यहाँ 22 तीर्थ कुंड हैं जिनमें स्नान करने का विशेष महत्व है।
प्र. रामेश्वरम मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. रामेश्वरम मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. रामेश्वरम मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, राम नवमी के समय रामेश्वरम मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
