कार्तिकेय मंत्र
Kartikeya Mantra
शत्रुओं पर विजय, साहस प्राप्ति और कार्तिकेय की कृपा के लिए
॥ मंत्र ॥
ॐ षण्मुखाय नमः ॐ शरवणभव ॐ स्कन्दाय नमः षट्कोणयन्त्रे त्रिदलाम्बुजे सुब्रह्मण्याय नमः। शक्तिहस्ताय नमः॥
हिंदी अर्थ
Hindi Meaning
हे छह मुखों वाले कार्तिकेय! हे शरवणभव (सरकंडे के वन में जन्मे)! हे स्कंद! हे शक्ति धारण करने वाले सुब्रह्मण्य! मैं आपको नमस्कार करता हूँ।
English Meaning
अंग्रेज़ी अर्थ
Salutations to Lord Kartikeya with six faces. He who was born in the forest of reeds (Sharavana). O Skanda, O Subrahmanya who holds the divine spear (Shakti), I bow to you and seek your blessings for victory over enemies.
लाभ एवं फल
शत्रुओं पर विजय और प्रतिस्पर्धा में सफलता
साहस, पराक्रम और वीरता की वृद्धि
नेतृत्व क्षमता और सैन्य शक्ति
रोग और दोषों का निवारण
संतान, विशेषकर पुत्र की रक्षा
जाप विधि
How to Chant
108
जाप संख्या
Count
षष्ठी तिथि को और मंगलवार को
श्रेष्ठ समय
Best Time
१०८
माला
Mala Beads
लाल वस्त्र पहनकर कार्तिकेय की मूर्ति के सामने बैठें। मोर पंख से पूजा करें और 108 बार मंत्र जप करें। षष्ठी व्रत के दिन विशेष जप करें।
नियम एवं सावधानियाँ
षष्ठी तिथि को उपवास रखकर जप करें
मोर पंख कार्तिकेय को अर्पित करें
ब्रह्मचर्य का पालन करें
मंगलवार को विशेष पूजा करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिकेय मंत्र का सही उच्चारण कैसे करें?
लाल वस्त्र पहनकर कार्तिकेय की मूर्ति के सामने बैठें। मोर पंख से पूजा करें और 108 बार मंत्र जप करें। षष्ठी व्रत के दिन विशेष जप करें।
कार्तिकेय मंत्र का अर्थ क्या है?
हे छह मुखों वाले कार्तिकेय! हे शरवणभव (सरकंडे के वन में जन्मे)! हे स्कंद! हे शक्ति धारण करने वाले सुब्रह्मण्य! मैं आपको नमस्कार करता हूँ।
कार्तिकेय मंत्र का जाप कितनी बार करें?
कार्तिकेय मंत्र का 108 बार जाप करने का विधान है। रुद्राक्ष या तुलसी की माला से गिनती करना शुभ माना जाता है।
कार्तिकेय मंत्र जाप का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
षष्ठी तिथि को और मंगलवार को
कार्तिकेय मंत्र के क्या लाभ हैं?
शत्रुओं पर विजय और प्रतिस्पर्धा में सफलता। साहस, पराक्रम और वीरता की वृद्धि। नेतृत्व क्षमता और सैन्य शक्ति। रोग और दोषों का निवारण। संतान, विशेषकर पुत्र की रक्षा।
कार्तिकेय मंत्र जाप में किन नियमों का पालन करें?
षष्ठी तिथि को उपवास रखकर जप करें। मोर पंख कार्तिकेय को अर्पित करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। मंगलवार को विशेष पूजा करें।
