इतिहास
खाटू श्याम जी मंदिर महाभारत के वीर बर्बरीक को समर्पित है, जिन्हें कृष्ण जी ने स्वयं शीश के रूप में कलयुग में श्याम नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था। बर्बरीक घटोत्कच के पुत्र और भीम के पौत्र थे।
महत्व
खाटू श्याम जी को "शीश के दानी" और "हारे का सहारा" कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से श्याम बाबा के दर्शन करता है, उसकी हर मुश्किल दूर हो जाती है। फाल्गुन माह में यहाँ विशाल लक्खी मेला लगता है।
वास्तुकला
मंदिर राजस्थानी शैली में संगमरमर से बना है। गर्भगृह में श्याम बाबा का शीश स्वरूप विराजमान है। मंदिर परिसर में भव्य शिखर और विशाल प्रांगण है जहाँ लाखों भक्त एकत्रित होते हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. खाटू श्याम जी मंदिर खाटू, सीकर, राजस्थान में स्थित है।
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 4:30 बजे से रात 9 बजे तक
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. फाल्गुन शुक्ल एकादशी से द्वादशी (लक्खी मेला) और नवंबर से फरवरी
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. खाटू श्याम जी को "शीश के दानी" और "हारे का सहारा" कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से श्याम बाबा के दर्शन करता है, उसकी हर मुश्किल दूर हो जाती है। फाल्गुन माह में यहाँ विशाल लक्खी मेला लगता है।
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. खाटू श्याम जी मंदिर में कृष्ण (Krishna) की पूजा होती है।
प्र. खाटू श्याम जी मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. जन्माष्टमी, एकादशी के समय खाटू श्याम जी मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।

