इतिहास
मीनाक्षी अम्मन मंदिर वैगई नदी के किनारे मदुरै में स्थित है। वर्तमान स्वरूप का निर्माण 16वीं-17वीं शताब्दी में नायक शासकों द्वारा हुआ। यह देवी मीनाक्षी (पार्वती स्वरूप) और उनके पति सुंदरेश्वर (शिव स्वरूप) को समर्पित है।
महत्व
मीनाक्षी मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। यहाँ प्रतिवर्ष मीनाक्षी तिरुकल्याणम (देवी के विवाह) का भव्य उत्सव मनाया जाता है। मंदिर में 1000 खंभों वाला सभा मंडप विशेष आकर्षण है।
वास्तुकला
मंदिर में 14 भव्य गोपुरम (प्रवेश द्वार) हैं जिनमें सबसे ऊँचा दक्षिणी गोपुरम 52 मीटर का है। गोपुरमों पर हजारों रंग-बिरंगी मूर्तियाँ उत्कीर्ण हैं। मंदिर का स्वर्ण कमल तालाब भी प्रसिद्ध है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. मीनाक्षी अम्मन मंदिर मदुरै, तमिलनाडु में स्थित है।
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5 बजे से रात 9:30 बजे तक (मध्याह्न 12:30-4 बंद)
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. चित्राई उत्सव (अप्रैल-मई) और अक्टूबर से मार्च
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. मीनाक्षी मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। यहाँ प्रतिवर्ष मीनाक्षी तिरुकल्याणम (देवी के विवाह) का भव्य उत्सव मनाया जाता है। मंदिर में 1000 खंभों वाला सभा मंडप विशेष आकर्षण है।
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. मीनाक्षी अम्मन मंदिर में पार्वती माता (Parvati) की पूजा होती है।
प्र. मीनाक्षी अम्मन मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. नवरात्रि के समय मीनाक्षी अम्मन मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।

