
नैना देवी मंदिर
नैना देवी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
इतिहास
नैना देवी मंदिर शिवालिक पहाड़ियों की एक चोटी पर स्थित है। पौराणिक कथा के अनुसार जब सती के शरीर के अंग विभिन्न स्थानों पर गिरे, तो उनकी आँखें (नयन) इस स्थान पर गिरी थीं, इसलिए इसे नैना देवी कहा जाता है।
महत्व
नैना देवी 51 शक्तिपीठों में से एक मानी जाती है। नैनीताल की नैना देवी से इसे अलग माना जाता है, यह हिमाचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। नवरात्रि में यहाँ विशाल मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
वास्तुकला
मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है जहाँ रोपवे और सीढ़ियों से पहुँचा जा सकता है। गर्भगृह में देवी की आँखों के रूप में पिंडी स्वरूप विराजमान है, साथ ही माता काली और चंडी की प्रतिमाएँ भी हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. नैना देवी मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. नैना देवी मंदिर नैना देवी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
प्र. नैना देवी मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 4 बजे से रात 10 बजे तक
प्र. नैना देवी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) और मार्च से जून
प्र. नैना देवी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. नैना देवी 51 शक्तिपीठों में से एक मानी जाती है। नैनीताल की नैना देवी से इसे अलग माना जाता है, यह हिमाचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। नवरात्रि में यहाँ विशाल मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
प्र. नैना देवी मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. नैना देवी मंदिर में दुर्गा (Durga) की पूजा होती है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक है।
प्र. नैना देवी मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. नवरात्रि के समय नैना देवी मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
