इतिहास
सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान में चुरू जिले के सालासर गाँव में है। यहाँ बालाजी की दाढ़ी-मूँछ वाली अनोखी मूर्ति है जो स्वयंभू है। 1754 में मोहनदास जी को खेत में जोतते समय यह मूर्ति मिली थी। मूर्ति को सालासर लाया गया जहाँ यह स्थापित हुई।
महत्व
सालासर बालाजी राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। यहाँ बालाजी की दाढ़ी-मूँछ वाली मूर्ति अनोखी और चमत्कारी मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को लाखों भक्त आते हैं।
वास्तुकला
मंदिर का भव्य परिसर है। मुख्य मंदिर में हनुमान जी की विशाल और अलौकिक मूर्ति है। परिसर में धर्मशाला और अन्य देवताओं के मंदिर भी हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. सालासर बालाजी मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. सालासर बालाजी मंदिर सालासर, चुरू, राजस्थान में स्थित है।
प्र. सालासर बालाजी मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5 बजे से रात 10 बजे तक
प्र. सालासर बालाजी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. मंगलवार और शनिवार (विशेष दर्शन), हनुमान जयंती पर
प्र. सालासर बालाजी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. सालासर बालाजी राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। यहाँ बालाजी की दाढ़ी-मूँछ वाली मूर्ति अनोखी और चमत्कारी मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को लाखों भक्त आते हैं।
प्र. सालासर बालाजी मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. सालासर बालाजी मंदिर में हनुमान (Hanuman) की पूजा होती है।
प्र. सालासर बालाजी मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. हनुमान जयंती के समय सालासर बालाजी मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।

