भाद्रपद (अगस्त-सितंबर)

गणेश चतुर्थी

Ganesh Chaturthi

कथा

भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश जी का जन्म हुआ था। माँ पार्वती ने स्नान से पहले अपने शरीर की मैल से गणेश जी को बनाया और द्वार पर पहरा देने को कहा। जब शिव जी वापस आए तो गणेश जी ने रोका। क्रोधित शिव जी ने उनका सिर काट दिया। माँ पार्वती के विलाप पर शिव जी ने हाथी का सिर लगाकर गणेश जी को जीवित किया।

महत्व

गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाई जाती है। लोकमान्य तिलक ने 1893 में इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि स्वतंत्रता संग्राम में एकता लाई जा सके। महाराष्ट्र में यह सबसे बड़ा उत्सव है।

पूजा विधि

  1. गणेश जी की मूर्ति घर लाएं और विधिपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा करें

  2. षोडशोपचार पूजा करें

  3. गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लड्डू का भोग लगाएं

  4. गणेश चालीसा और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें

  5. प्रतिदिन आरती करें

  6. अंतिम दिन विसर्जन की तैयारी करें

  7. गणपति बाप्पा मोरया का जयघोष करते हुए नदी या समुद्र में विसर्जन करें

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इस पर्व के मंत्र

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. गणेश चतुर्थी कब मनाया जाता है?

उ. गणेश चतुर्थी भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) माह में मनाया जाता है।

प्र. गणेश चतुर्थी का महत्व क्या है?

उ. गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाई जाती है। लोकमान्य तिलक ने 1893 में इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि स्वतंत्रता संग्राम में एकता लाई जा सके। महाराष्ट्र में यह सबसे बड़ा उत्सव है।

प्र. गणेश चतुर्थी की पूजा विधि क्या है?

उ. गणेश जी की मूर्ति घर लाएं और विधिपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा करें फिर, षोडशोपचार पूजा करें फिर, गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लड्डू का भोग लगाएं।

प्र. गणेश चतुर्थी पर कौन से मंत्र जपें?

उ. गणेश चतुर्थी पर गणेश मंत्र, वक्रतुंड मंत्र का जाप करना शुभ है।