
घृष्णेश्वर मंदिर
वेरुल, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
इतिहास
घृष्णेश्वर मंदिर औरंगाबाद के पास एलोरा गुफाओं के निकट है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम है। अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं शताब्दी में इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। एलोरा की प्रसिद्ध कैलाश गुफाएं यहीं के पास हैं।
महत्व
घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ घृष्णेश्वर नाम से शिव जी पूजे जाते हैं। इस क्षेत्र में अनेक पुरातात्विक और धार्मिक स्थल हैं।
वास्तुकला
मंदिर लाल पत्थरों से निर्मित है और इसका शिखर बेहद भव्य है। पाँच स्तरों वाला यह मंदिर हेमाडपंथी शैली का उदाहरण है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. घृष्णेश्वर मंदिर वेरुल, औरंगाबाद, महाराष्ट्र में स्थित है।
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. अक्टूबर से मार्च। एलोरा गुफाओं के साथ यात्रा करें।
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ घृष्णेश्वर नाम से शिव जी पूजे जाते हैं। इस क्षेत्र में अनेक पुरातात्विक और धार्मिक स्थल हैं।
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. घृष्णेश्वर मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. घृष्णेश्वर मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय घृष्णेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
