
🛕 ज्योतिर्लिंग
घृष्णेश्वर मंदिर
वेरुल, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
इतिहास
घृष्णेश्वर मंदिर औरंगाबाद के पास एलोरा गुफाओं के निकट है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम है। अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं शताब्दी में इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। एलोरा की प्रसिद्ध कैलाश गुफाएं यहीं के पास हैं।
महत्व
घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ घृष्णेश्वर नाम से शिव जी पूजे जाते हैं। इस क्षेत्र में अनेक पुरातात्विक और धार्मिक स्थल हैं।
वास्तुकला
मंदिर लाल पत्थरों से निर्मित है और इसका शिखर बेहद भव्य है। पाँच स्तरों वाला यह मंदिर हेमाडपंथी शैली का उदाहरण है।
