
काशी विश्वनाथ मंदिर
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
इतिहास
काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी (काशी) में गंगा नदी के पश्चिमी तट पर विश्वनाथ गली में स्थित है। यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। औरंगजेब ने इसे 1669 में तोड़ दिया था और वहाँ मस्जिद बनवाई। बाद में अहिल्याबाई होल्कर ने 1780 में नया मंदिर बनवाया।
महत्व
काशी विश्वनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी में मोक्ष प्राप्त करने की मान्यता है। शिव जी यहाँ विश्वेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यहाँ मृत्यु होने पर शिव जी तारक मंत्र (राम नाम) का उपदेश देते हैं।
वास्तुकला
मंदिर की चोटी पर 800 किलोग्राम सोने का छत्र लगा है जो महाराजा रणजीत सिंह ने चढ़ाया था। मंदिर परिसर में विश्वनाथ, ज्ञानवापी और गंगा सहित कई मंदिर हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 2:30 बजे से रात 11 बजे तक। मंगल आरती: प्रातः 3 बजे।
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. सावन माह में और महाशिवरात्रि पर। सामान्यतः अक्टूबर से मार्च।
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. काशी विश्वनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी में मोक्ष प्राप्त करने की मान्यता है। शिव जी यहाँ विश्वेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यहाँ मृत्यु होने पर शिव जी तारक मंत्र (राम नाम) का उपदेश देते हैं।
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. काशी विश्वनाथ मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. काशी विश्वनाथ मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
