
केदारनाथ मंदिर
केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
इतिहास
केदारनाथ मंदिर हिमालय की गोद में 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसे पाण्डवों ने बनवाया था और आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार कराया था। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और चारधाम यात्रा का प्रमुख धाम है।
महत्व
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च माना जाता है। यहाँ भगवान शिव त्रिकोणात्मक (पाण्डव स्वरूप के रूप में) शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। पंच केदार में से यह प्रथम केदार है।
वास्तुकला
मंदिर का निर्माण भारी पत्थरों से हुआ है जो बिना किसी जोड़ने वाले पदार्थ के एक-दूसरे पर टिके हैं। गर्भगृह में विशाल त्रिकोणाकार शिवलिंग है। मंदिर का मुखमंडप और सभामंडप विशाल और भव्य है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. केदारनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. केदारनाथ मंदिर केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड में स्थित है।
प्र. केदारनाथ मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. ग्रीष्म: प्रातः 4 बजे से रात 9 बजे तक। अभिषेक: प्रातः 4-6 बजे।
प्र. केदारनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. मई से जून और सितंबर से नवंबर (शीतकाल में मंदिर बंद रहता है)
प्र. केदारनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च माना जाता है। यहाँ भगवान शिव त्रिकोणात्मक (पाण्डव स्वरूप के रूप में) शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। पंच केदार में से यह प्रथम केदार है।
प्र. केदारनाथ मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. केदारनाथ मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. केदारनाथ मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय केदारनाथ मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
