
महाकालेश्वर मंदिर
उज्जैन, मध्य प्रदेश
इतिहास
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है। यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो दक्षिणामुखी (दक्षिण की ओर मुँह करके) है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहाँ भगवान शिव ने दूषण नामक राक्षस का वध किया था।
महत्व
महाकाल उज्जैन के अधिष्ठाता देव हैं। यह ज्योतिर्लिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है। भस्म आरती यहाँ की विश्व प्रसिद्ध परंपरा है जिसमें ताजी चिता की भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार होता है।
वास्तुकला
मंदिर पाँच खंडों में विभाजित है। सबसे नीचे महाकालेश्वर, फिर ओंकारेश्वर और सबसे ऊपर नागचंद्रेश्वर का मंदिर है। परकोटे में अनेक छोटे मंदिर हैं।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. महाकालेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन, मध्य प्रदेश में स्थित है।
प्र. महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 4 बजे से रात 11 बजे। भस्म आरती: प्रातः 4 बजे।
प्र. महाकालेश्वर मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. श्रावण माह में और महाशिवरात्रि पर विशेष। सामान्यतः अक्टूबर से मार्च।
प्र. महाकालेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. महाकाल उज्जैन के अधिष्ठाता देव हैं। यह ज्योतिर्लिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है। भस्म आरती यहाँ की विश्व प्रसिद्ध परंपरा है जिसमें ताजी चिता की भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार होता है।
प्र. महाकालेश्वर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. महाकालेश्वर मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. महाकालेश्वर मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
