
🛕 ज्योतिर्लिंग
नागेश्वर मंदिर
द्वारका के पास, गुजरात
इतिहास
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में द्वारका से लगभग 17 किमी दूर है। पुराणों के अनुसार, दारुक नामक राक्षस से एक शिव भक्त सुप्रिय की रक्षा के लिए शिव जी यहाँ नागेश्वर रूप में प्रकट हुए। "नागेश्वर" का अर्थ नागों के ईश्वर है।
महत्व
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ शिव जी नागों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। परिसर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति है।
वास्तुकला
मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशाल 25 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थित है। मंदिर का गर्भगृह भूमिगत है जहाँ ज्योतिर्लिंग स्थापित है।
