Nageshwar Temple — द्वारका के पास, गुजरात
🛕 ज्योतिर्लिंग

नागेश्वर मंदिर

द्वारका के पास, गुजरात

Photo: Bkjit · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

इतिहास

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में द्वारका से लगभग 17 किमी दूर है। पुराणों के अनुसार, दारुक नामक राक्षस से एक शिव भक्त सुप्रिय की रक्षा के लिए शिव जी यहाँ नागेश्वर रूप में प्रकट हुए। "नागेश्वर" का अर्थ नागों के ईश्वर है।

महत्व

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ शिव जी नागों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। परिसर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति है।

वास्तुकला

मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशाल 25 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थित है। मंदिर का गर्भगृह भूमिगत है जहाँ ज्योतिर्लिंग स्थापित है।

यहाँ के प्रमुख मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. नागेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?

उ. नागेश्वर मंदिर द्वारका के पास, गुजरात में स्थित है।

प्र. नागेश्वर मंदिर में दर्शन का समय क्या है?

उ. प्रातः 5 बजे से रात 9 बजे तक

प्र. नागेश्वर मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?

उ. अक्टूबर से मार्च। द्वारका यात्रा के साथ करें।

प्र. नागेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

उ. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ शिव जी नागों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। परिसर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति है।

प्र. नागेश्वर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?

उ. नागेश्वर मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

प्र. नागेश्वर मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?

उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय नागेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।