
ओंकारेश्वर मंदिर
ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश
इतिहास
ओंकारेश्वर मंदिर नर्मदा नदी के बीच मांधाता द्वीप पर स्थित है जो ॐ के आकार का है। यह द्वीप मानधाता राजा के नाम पर मानधाता द्वीप भी कहलाता है। यहाँ दो ज्योतिर्लिंग हैं: ओंकारेश्वर और अमलेश्वर (ममलेश्वर)।
महत्व
ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ एक ही स्थान पर दो ज्योतिर्लिंग हैं। आदि शंकराचार्य के गुरु गोविंद भगवत्पाद का आश्रम यहाँ था।
वास्तुकला
मंदिर नागर शैली में निर्मित है। नर्मदा पर पुल से जुड़ा यह द्वीप तीर्थयात्रियों के लिए परिक्रमा का स्थान है। परिक्रमा मार्ग लगभग 7 किमी है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. ओंकारेश्वर मंदिर ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश में स्थित है।
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 5 बजे से रात 10 बजे तक
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. अक्टूबर से मार्च और शिवरात्रि पर
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ एक ही स्थान पर दो ज्योतिर्लिंग हैं। आदि शंकराचार्य के गुरु गोविंद भगवत्पाद का आश्रम यहाँ था।
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. ओंकारेश्वर मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. ओंकारेश्वर मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
