
मल्लिकार्जुन मंदिर
श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
इतिहास
मल्लिकार्जुन मंदिर कृष्णा नदी के तट पर नल्लामाला की पहाड़ियों में श्रीशैलम में स्थित है। यह मंदिर 2000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। कार्तिकेय विवाह के प्रसंग में शिव-पार्वती यहाँ आए थे। यहाँ माता के 18 महाशक्तिपीठों में से एक भ्रमराम्बा शक्तिपीठ भी है।
महत्व
मल्लिकार्जुन 12 ज्योतिर्लिंगों और 18 महाशक्तिपीठों में से एक होने के कारण विशेष महत्व का है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ एक साथ हैं।
वास्तुकला
मंदिर विजयनगर शैली की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर में चार मुख्य प्रवेश द्वार हैं। गर्भगृह में मल्लिकार्जुन लिंग और भ्रमराम्बा देवी की प्रतिमा है।
यहाँ के प्रमुख मंत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर कहाँ स्थित है?
उ. मल्लिकार्जुन मंदिर श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश में स्थित है।
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
उ. प्रातः 4:30 बजे से रात 10 बजे तक
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
उ. अक्टूबर से मार्च और महाशिवरात्रि पर
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उ. मल्लिकार्जुन 12 ज्योतिर्लिंगों और 18 महाशक्तिपीठों में से एक होने के कारण विशेष महत्व का है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ एक साथ हैं।
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
उ. मल्लिकार्जुन मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र. मल्लिकार्जुन मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?
उ. महाशिवरात्रि, नवरात्रि के समय मल्लिकार्जुन मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।
