Vaidyanath Temple (Baidyanath) — देवघर, झारखंड
🛕 ज्योतिर्लिंग

वैद्यनाथ मंदिर

देवघर, झारखंड

Photo: Pinakpani · CC BY 4.0 · Wikimedia Commons

इतिहास

वैद्यनाथ धाम झारखंड के देवघर में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण ने यहाँ शिव जी की तपस्या करके उनसे ज्योतिर्लिंग को लंका ले जाने की अनुमति माँगी। शर्त थी कि मार्ग में जमीन पर रखते ही शिवलिंग वहीं स्थापित हो जाएगा। विष्णु जी की माया से रावण को लघुशंका लगी और उसने ब्राह्मण बने विष्णु को शिवलिंग थमाया जिन्होंने उसे जमीन पर रख दिया।

महत्व

वैद्यनाथ धाम में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थित है। यहाँ 51 शक्तिपीठों में से एक भी है जहाँ माँ सती का हृदय गिरा था। इसे वैद्यनाथ धाम या बाबा धाम कहते हैं।

वास्तुकला

मुख्य मंदिर में वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग है। परिसर में 21 अन्य मंदिर हैं जिनमें पार्वती मंदिर प्रमुख है। मंदिर का शिखर तांबे से मढ़ा हुआ है।

यहाँ के प्रमुख मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. वैद्यनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?

उ. वैद्यनाथ मंदिर देवघर, झारखंड में स्थित है।

प्र. वैद्यनाथ मंदिर में दर्शन का समय क्या है?

उ. प्रातः 4 बजे से दोपहर 3:30 बजे और शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक

प्र. वैद्यनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?

उ. श्रावण माह (जुलाई-अगस्त) और महाशिवरात्रि पर

प्र. वैद्यनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

उ. वैद्यनाथ धाम में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थित है। यहाँ 51 शक्तिपीठों में से एक भी है जहाँ माँ सती का हृदय गिरा था। इसे वैद्यनाथ धाम या बाबा धाम कहते हैं।

प्र. वैद्यनाथ मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?

उ. वैद्यनाथ मंदिर में शिव (Shiva) की पूजा होती है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

प्र. वैद्यनाथ मंदिर में कौन से त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं?

उ. महाशिवरात्रि, सावन (श्रावण) के समय वैद्यनाथ मंदिर में विशेष पूजा और भारी भीड़ होती है।