📖 कथा सागर
भक्ति कथाएँ
पुराणों, रामायण, महाभारत, गीता, उपनिषदों और संतों की वे कथाएँ जो पीढ़ियों से हमें राह दिखाती आई हैं। कोई बुकिंग नहीं, कोई लॉग-इन नहीं: बस पढ़िए और मन में उतारिए।
30 कथाएँ
कबीर के दोहे: जुलाहे की खरी बात
काशी का एक जुलाहा जिसने कपड़ा बुनते-बुनते ऐसी बातें कहीं कि छह सौ साल बाद भी वे हर ज़ुबान पर हैं।
पढ़ें →तुलसीदास और रत्नावली: एक ताने ने बदला जीवन
पत्नी से मिलने के लिए उफनती नदी पार करने वाले तुलसीदास को जब पत्नी ने ही फटकारा, तो वे राम के हो गए।
पढ़ें →मीरा का विष का प्याला
राजघराने की बहू मीरा मंदिरों में नाचती-गाती थीं। परिवार ने विष भेजा, और मीरा ने उसे चरणामृत समझकर पी लिया।
पढ़ें →दो घड़े: दरार वाले घड़े की कहानी
एक पनिहारिन के दो घड़ों में से एक में दरार थी, जिससे आधा पानी रास्ते में गिर जाता। घड़ा शर्मिंदा था, पर पनिहारिन जानती थी कुछ और।
पढ़ें →ईमानदार लकड़हारा और जल देवता
नदी में कुल्हाड़ी गिरी तो जल देवता सोने और चाँदी की कुल्हाड़ियाँ लेकर निकले। गरीब लकड़हारे ने उन्हें लेने से मना क्यों किया?
पढ़ें →राजा के तीन प्रश्न
सबसे सही समय कौन सा है? सबसे ज़रूरी व्यक्ति कौन है? सबसे ज़रूरी काम क्या है? एक राजा को इनके उत्तर एक साधु की कुटिया में मिले।
पढ़ें →🪔 कथा पढ़ी, अब एक दीप जलाएँ
पवित्र घाट पर आपके नाम से दीपदान, और उसका वीडियो सीधे व्हाट्सऐप पर।
